Thursday, October 29, 2009

जान डालने वाली पारी

ये ओ परी थी जिसका इंतज़ार टीम के ११ सदस्य कर रहे थे---किसी बड़े टूर्नामेंट से जल्दी बहार हो जाने के बाद किसी भी टीम का कोंफिन्देंस गडबडा जाता है---श्रीलंका में जीत के बाद चैम्पियन ट्राफी से जल्दी बहार हो गए तोह टीम इंडिया का भी यही हाल था---रही सही कसर ऑस्ट्रेलिया के साथ पहले मैच में हार से पुरी हो गई--ओर इस वक्त टीम को एक ऐसे परी की जरुरत थी जिससे फिर से उनमें कांफिन्देंस आ जाए---ओर धोनी की इस परी के बाद यही होगा--इससे पहले सहवाग ओर गंभीर ने पहले एक्दिवासिये ओर फिर दुसरे मैच में भी अच्छा खेले लेकिन टीम में कोई दम नही दिखाई दे रहा था---बेजान बैटिंग बोलिंग ओर फील्डिंग नज़र आ रही थी ओर क्रिकेट प्रेमी यही समझाने लगे थे की अब इस टीम में जान नही रही सभी थके हुए हैं ओर टीम इंडिया सीरीज़ हार जायेगी---तभी भारतीये कप्तान की और से ऐसी परी सामने आई जिसने न सिर्फ़ खिलाड़ियों में बल्कि सुस्त पड़े दर्शकों में भी जान आ गई है ओर अब वो इंतज़ार कर रहे एक रोमांचक सीरीज़ का जिसमे अब सब कुछ दाव पर लग चुका है---