
आखिरकार भारत ने श्रीलंका को उसकी ही ज़मीन पर मात दे ही दी ५ मैंचों की सीरीज़ पर कब्ज़ा जमा लिया लेकिन इसे जीत के कई मायेने है सबसे पहले भारत को यहाँ २३ साल के बाद जीत नसीब हुई है दूसरी इसे जीत की उम्मीद किसी ने नही की थी तीसरी ये जंग थी दो कप्तानों की
माही ने जीत कर ये साबित किया है की अगर तन मन से खेला जाए तो कुछ भी सम्भव है
२३ साल बाद मिली जीत का सवाद कैसा होता है
खुशी में झूमते इन खिलाडिओं को ही पता है की उन्हें कैसा महसूस हो रहा है कैसा लग रहा है लंका में डंका बजा कर कैसा लग रहा है मुरली मेंडिस जो पुरे टेस्ट सीरीज़ में भारतीय बलेबजों को नाचते रहे की पहेली सोल्वे कर के
शुरुआत रैना से ख़तम रैना पर
सनाथ जयसुरिया जब ताबड़ तोड़ बल्ला चला रहे थे तो लग रहा था की २५८ का स्कोर भी कम पर जाएगा तभी हरभजन ने गेंद पकड़ा ओर गेंदे फेकते ही स्लिप में खड़े रैना के बायीं ओर उछली रैना ने उसे छोड़ते छोड़ते लपक लिया इस तरह लंकाई परी फिर कभी नही सभाल सकी
मिडविकेट पर जैसे ही रैना ने थिलन तुषारा का कैच पकड़ा सीरीज़ भारत की मुठी में आ गए फिर क्या था इस तरह सनाथ के कैच से धराशायी होने का सिलसिला रैना के अन्तिम कैच लेने के साथ ही थमा तो ज़रूर लेकिन तब तक भारत जीत चुका था ७६ रन बनाने वाले ओर दो कैच लेने वाले रैना को इसका श्रेय भी मिला ओर उन्हें मन ऑफ़ मैच का पुरस्कार भी मिला
भारतीय उपमहाद्वीप में कौन है बेहतर कप्तान
एकतरफ भरी भरकम एक्सपेरिएंस वाले श्रीलंकाई कप्तान ओर दूसरी तरफ़ हाल ही में ति२० वर्ल्ड कप ओर ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर में मात देने वाले माही हर जीत पर हो हल्ला मचने वाली मीडिया ने इस बात पर धयान नही दिया की ये मुकाबला है दो कप्तानों का
टेस्ट सीरीज़ में हार के बाद श्रीलंका आए माही पर दबाव था मुरली मेंडिस से निपटने का क्योंकि लंकाई कप्तान ने इन्ही तुरुप के पत्तों के सहारे भारतीय बल्लेबाजों को नचाया था ओर महेला ने एक बार फिर इन्ही तुरुप के इको के सहारे माही को चित करने की बिसात बिछाई थी
लेकिन कंप्यूटर की तरह हर वक्त चौकस रहने वाले माही ने तोड़ दिया इन रहस्मई गेंदबाजों के तिलिस्म को पुरे सीरीज़ के दोरान ये दोनों गेंदबाज़ कभी विकेट लेने तो कभी रन बचने की जुगत में लगे रहे
माही ने जिस अंदाज़ में बेकाबू हो चुके इन श्रीलंकाई चीतों पर लगाम लगाया जीत की बुनियाद वही पड़ गई थी फिर क्या था भारतीय बल्लेबाजों ने बहुत आसानी से इनको खेला ओर जीत हासिल की
इसके साथ ही महेला के अहम् को तोड़ते हुए माही ने सीरीज़ पर हाथ साफ़ कर लिया
मिद्विक्केट
ये भारत के इन खिलाडिओं से पूछे ओर इनसे ये भी पुचा जाए की
