
पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ मोह.आसिफ अपने इंटरनेशनल खेल जीवन की शुरुआत से ही खेल से ज्यादा अपनी करतूत के लिए फेमस रहें हैं हालांकि उसने पाँच टेस्ट मत्चेस में तीस विकेट जरुर हासिल किए हैं लेकिन डोपिंग के चक्कर में अब इन रिकॉर्डस पर भरोसा करना मुश्किल है उनके काबिलियत पर ही सवाल पैदा हो सकता है अब तक ये साफ नही हो पाया है की क्या कभी मैदान पर प्रदर्शन के लिए उसने नशीली दवाओं का सेवन किया है या नही ये सवाल का हल इसलिए भी जरुरी है क्योंकि ये सिर्फ़ पाकिस्तान क्रिकेट का ही नही वर्ल्ड क्रिकेट के साख का सवाल है
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पास इस तरह की अनुशासन्हीनता के मामले पहले भी सामने आते रहें हैं लेकिन हर बार अपने खिलाड़ियों की करतूत पर परदा डालकर उन्हें मैदान पर उतरती रही है हाल में उसने शोअब अख्तर के साथ भी यही किया पहले उसपर पाबन्दी लगाई बाद में खेलने की अनुमति दे दी तोह क्या ये मान लिया जाए की पाकिस्तान के पास क्रिकेटरों की कमी हो गई है जो वो ऐसे क्रिकेटरों को खेलने की अनुमति दे देती है
ऐसा मालुम होता है की जिस तरह पाकिस्तान में इन्स्ताब्लिटी है इन्दिस्प्लिन है वहाँ के खिलाड़ी भी वैसे ही निकल कर सामने आ रहें